इसरो अमेरिकी कंपनी ‘एएसटी स्पेसमोबाइल’ का संचार उपग्रह प्रक्षेपित करेगा

नई दिल्ली
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का एलवीएम3 रॉकेट मार्च में अमेरिकी कंपनी ‘टी स्पेसमोबाइल’ के संचार उपग्रह को प्रक्षेपित करेगा, जो स्मार्टफोन पर अंतरिक्ष आधारित सेलुलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क सेवाएं प्रदान करने की योजना बना रहा है। यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘मार्च के लिए निर्धारित वाणिज्यिक एलवीएम3-एम5 मिशन, अमेरिका की ‘टी स्पेसमोबाइल’ के साथ अनुबंध के तहत ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रहों को तैनात करेगा।’’

यह बयान विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अंतरिक्ष विभाग के कामकाज की समीक्षा के बाद आया है, जिसमें इसरो के निवर्तमान अध्यक्ष एस सोमनाथ, उनके उत्तराधिकारी वी नारायणन और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन कुमार गोयनका शामिल थे। नारायणन 14 जनवरी को सोमनाथ का स्थान लेंगे। उन्होंने बैठक के दौरान इसरो के वैश्विक विस्तार के लिए एक रणनीतिक खाका तैयार किया।

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बयान में कहा गया है कि नासा-इसरो का संयुक्त उपग्रह – निसार – और नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-02 फरवरी में जीएसएलवी रॉकेट के दो अलग-अलग मिशनों के जरिए प्रक्षेपित किए जाएंगे। ‘गगनयान’ के तहत पहले ‘मानवरहित’ कक्षीय मिशन समेत महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के साथ, भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण प्रयास अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए तैयार हैं।

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इसरो ने तकनीकी कौशल और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले महत्वपूर्ण मिशनों की योजना बनाई है, जिसमें गगनयान के मानवरहित कक्षीय परीक्षण मिशन का प्रक्षेपण भी शामिल है। बयान में कहा गया है, ‘‘यह महत्वपूर्ण प्रयास भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसका लक्ष्य चालक दल की सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति के लिए प्रणालियों का परीक्षण तथा उन्हें मान्य करना है।’’

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इसके अलावा, आने वाले महीनों में दो जीएसएलवी मिशन, एलवीएम3 का वाणिज्यिक प्रक्षेपण और निसार (एनआईएसएआर) उपग्रह पर बहुप्रतीक्षित इसरो-नासा सहयोग निर्धारित है। सिंह ने नवाचार को बढ़ावा देने में इसरो की प्रगति की सराहना की। उन्होंने देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी सहयोग के महत्व पर बल दिया।

 

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